Hindi / Sanskrit Text
हनुमान कवच राम दूत हनुमान, महाबली बजरंग। शिर रक्षा करो मेरी, अटल हो संग॥ ललाट में केसरी नंदन। नेत्र रक्षे रघुनन्दन॥ कर्ण रक्षे अंजनी सुत। नासिका रक्षे पवन पुत॥ मुख रक्षे लंका दाहक। कंठ रक्षे संकट नाशक॥ स्कन्ध रक्षे वानर राजा। भुज रक्षे बज्र बाहु साजा॥ हस्त रक्षे सुग्रीव सखा। हृदय रक्षे रामभक्त देखा॥ उदर रक्षे अमित बली। पाद रक्षे महाबली॥ अंग प्रत्यंग रक्षे नित। हनुमत नाम ले निश्चित॥